बुधवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-यूके समग्र आर्थिक और व्यापारिक समझौते (CETA) की सराहना व्यक्त की, किसानों, उद्यमियों, और माध्यम, छोटे और सुदृढ़ उद्यमों (MSMEs) को लाभ पहुंचाने की संभावना पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि व्यापार समझौता दो देशों के आर्थिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, और यहां कहा कि ये संबंध और भी मजबूत होने की किनारे पर हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत-यूके व्यापार समझौता न केवल आर्थिक सहयोग को गहरा करेगा, बल्कि प्रौद्योगिकी, पेशेवर सेवाएं, और नवाचार में सहयोग में भी वृद्धि करेगा। समग्र आर्थिक और व्यापारिक समझौते और सामाजिक सुरक्षा समझौते के प्रभाव से, प्रधानमंत्री ने दोनों राष्ट्रों के लिए आर्थिक अवसरों का विस्तार करने पर जोर दिया।
दो लोकतंत्रों के बीच विश्वास और साझा उम्मीद का समय बताते हुए पीएम मोदी ने उद्यम, प्रौद्योगिकी, निवेश, और नवाचार पर आधारित एक अग्रदृष्टि संबंध निर्माण करने के महत्व को जोर दिया। उन्होंने भारत और यूके के साथ करोड़पति के लिए मिलकर काम करने की पुनरावृत्ति की पुष्टि की, जिससे इनके द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय का संकेत है।
भारत-यूके व्यापार समझौते के कार्यान्वयन से विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है, जिसमें कृषि, उद्यमिता, और MSMEs शामिल हैं, जबकि महत्वपूर्ण सहयोग क्षेत्रों में और भी कटिबद्ध संबंधों को बढ़ावा देने की दिशा में ध्यान रखा जा रहा है।